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चीतल शिकारी पकड़ाए… वन विभाग की कड़ी कार्रवाई से बड़ी सफलता

अवैध शिकार प्रकरण में महीनों से फरार चल रहे दो आरोपी आखिरकार गिरफ्तार

चीतल के शिकारी पकड़ाए… वन विभाग की कड़ी कार्रवाई से बड़ी सफलता
अवैध शिकार प्रकरण में महीनों से फरार चल रहे दो आरोपी आखिरकार गिरफ्तार

बलौदाबाजार, 23 नवम्बर 2025/ अर्जुनी परिक्षेत्र में अवैध शिकार पर रोक लगाने और वन्यजीव संरक्षण को सशक्त बनाने वन विभाग की निरंतर कार्रवाई का बड़ा परिणाम सामने आया है। वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील के निर्देशन में चल रहे अभियान के तहत चीतल के अवैध शिकार प्रकरण से जुड़े दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

सतर्क गश्त और लगातार मॉनिटरिंग का परिणाम

24 अगस्त 2025 को अर्जुनी परिक्षेत्र में चीतल के अवैध शिकार का मामला दर्ज किया गया था। घटना में कुल चार आरोपी शामिल थे, जिनमें से दो को घटना के दिन ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। जबकि शेष दो आरोपी लगातार फरारी काट रहे थे।

वन विभाग ने स्थानीय स्तर पर सूचनाओं का संकलन, क्षेत्र में गश्त की तीव्रता, एवं लगातार निगरानी बढ़ाकर आरोपियों की खोज जारी रखी। इसी प्रयास का नतीजा रहा कि—

19 नवम्बर 2025 को पहले फरार आरोपी श्रीधर वल्द मंगल सिंह बरिसा

22 नवम्बर 2025 को दूसरे आरोपी अनिल वल्द चमार सिंह बरिहा
को हिरासत में ले लिया गया। कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण कर दोनों को जिला जेल बलौदाबाजार में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

वनमण्डलाधिकारी की सराहना— “टीमवर्क से मिली बड़ी सफलता”

वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने टीम की सतत कार्यवाही की प्रशंसा करते हुए कहा कि अवैध शिकार रोकने में क्षेत्रीय कर्मचारियों का समर्पण सराहनीय है। उन्होंने बताया कि वन्यजीव संरक्षण के लिए इसी तरह की कड़ी और त्वरित कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी।

आम नागरिकों से अपील— “आपकी सूचना बचा सकती है एक जीवन”

वनमण्डलाधिकारी ने नागरिकों से आग्रह किया है कि यदि किसी को फंदा लगाना, इलेक्ट्रिक ट्रैपिंग, अवैध शिकार या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले, तो तुरंत निकटतम वन कार्यालय को सूचित करें। समय पर दी गई सूचना कई वन्यजीवों की जान बचा सकती है और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कर सकती है।

संरक्षण की दिशा में मजबूत कदम

अर्जुनी परिक्षेत्र की यह कार्रवाई न केवल वन विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि वन्यजीवों के साथ किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बख्शा नहीं जाएगा। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में वन अपराधों पर अंकुश लगाने में बड़ी सफलता मिली है।

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